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Monday, May 11, 2020

दुनिया तो है लेन-देन का नाम ग़ालिब

poor_widow

दुनिया तो है लेन-देन का नाम ग़ालिब
भगवान को भी चढावा मिलाता है
सिर्फ मन्नते पूरी करने के लिए.....

Sunday, October 14, 2018

पत्थरों के बीच खिला है एक छोटा पौधा



पत्थरों के बीच खिला है एक छोटा पौधा
लड़ना था उसे बस
याद रहा उसे इतना हीं
किसने क्या कहा
किसने क्या किया
क्या मालूम क्या पता
उसने तो सिर्फ़ ये किया
कि उसने तो सिर्फ़ अपना पक्ष जिया
कहना तो बहुत था आसान
उसने सिर्फ़ किया
बेफ़िक्र जिया बेफ़िक्र जिया

#Infinity



हो जा सुनहरे पंखों पर सवार



यूँ ना हार
कर अपने डर को पार
यहीं थोड़ा अँधेरा है बस
वहाँ तो सब जगमग
कुछ तो सोचा है तेरे लिए भी
उसने
अनाथ भी है तो क्या पूरा जहाँ है तेरा
जिसे चाहे अपना बना
हो जा सुनहरे पंखों पर सवार


#Infinity


Monday, September 24, 2018

दबे कदम आ रही है ठण्ड



बस कुछ ही दूरी पर दिख रही है
अंगीठी छुपाये कम्बल लपेटे
चाय की चुस्कीओं में
ओस की बूंदो में चमकती
धुंध में चुप चाप
दबे कदम आ रही है ठण्ड


#Infinity

Sunday, October 15, 2017

फिर एक बार




स्ट्रीट लाइट की
सफ़ेद टूह टूह रोशनी मे
झूमते पतंगो को भी
इंतज़ार है
दिवाली के दीयों की टिमटिमाती रोशनी की
खाक हो जाने के लिए फिर एक बार


#Infinity

Sunday, August 13, 2017

अंदर के इंसान को इंसान ही रहने दो




हिन्दू को हिन्दू
मुस्लमान को मुसलमान ही रहने दो
कलयुग में बचा है जो थोड़ा सा
अंदर के इंसान को इंसान ही रहने दो

#Infinity


Saturday, July 1, 2017

जिंदगी जियो भरपूर और मर जाओ यार




जिंदगी जियो भरपूर और मर जाओ यार
कौन क्या ले गया है
क्या ले जा सकेगा कोई
जो संजोते रहते हो रोज
यूं ही भर जाएगा झुर्रियी से चेहरा
क्यूं भर लेते हो लकीरे माथे पर बार बार
कब रुकी है कब रुकेगी ये दुनिया
तुम हम वो हो या न हो
चलती है चलती रहेगी ये दुनिया


__Infinity



Monday, May 23, 2016

और तेरी याद आयी




आज फिर मौसम बदला 
तेरी याद आयी 
तुझ से अलग हो के 
जो गुम हो गई थी एक हंसी 
मेरे होंठो पर फिर एक बार आयी 


 __Infinity

Saturday, May 7, 2016

मेरे शब्द कब तेरे हो गए मालू

मेरे शब्द कब तेरे हो गए
मालूम नहीं
खुश था
अब खुशनशीब हो गया


__Infinity

Thursday, May 5, 2016

आंसू भी बड़े समझदार हो गए है

आंसू भी बड़े समझदार हो गए है
निकलते है सोच समझ के आजकल।।।।

_Infinity

Wednesday, March 30, 2016

मासूम बेईमानीयाँ

तेरी मासूम बेईमानीयाँ खूबसूरत है इतनी
हजार ईमानदार कुर्बान क्यूँ न करे हम ....

 __Infinity

Tuesday, March 15, 2016

बच्चे लगे है रोटी की जुगाड़ में⁠⁠⁠⁠


दुनिया लगी है चीखो-पुकार में
बच्चे लगे है रोटी की जुगाड़ में⁠⁠⁠⁠

__Infinity



Monday, March 14, 2016

सरहद कि रक्षा करने वाला कोई निर्जीव लौटा है

पड़ोस मे छाया है सन्नाटा
चुप रहो चुप रहो
कि सरहद कि रक्षा करने वाला
कोई निर्जीव लौटा है

__Infinity

कई किसान लटक जाते है फंदे से .





















बेमौसम बारिशों मे
जब चाय और पकौड़ो की सोचते हो तुम
कई किसान लटक जाते है फंदे से __Infinity

Sunday, March 13, 2016

Wednesday, January 6, 2016

तुझे तब भी करूंगा प्यार



























तुझे तब भी करूंगा प्यार
जब झुर्रियों से भर जाएगा तेरा चेहरा
और भी ज्यादा
जब तेरी आवाज नहीं रहेगी मीठी अब के जैसा
जब तू सीधी चल नहीं पाएगी तब भी
तुझे पकड़ कर सहारा दूँगा
मैं तब भी चाहूँगा तुझे उतना ही
जब हो जाएंगे तेरे सारे कपड़ो के साथ पोस्तीन ढीले
जब तू चल नहीं पाएगी तेज
मेरे कदम से कदम मिला के तब भी
उतना ही चाहूँगा तुझे
जब बैठे बैठे ऊँघेगी तू तब भी
उतना ही करूंगा प्यार
जब भूल जाओगी तुम बार बार
चाय मे चीनी
सब्जी मे नमक
तब भी करूंगा उतना ही प्यार
झड़ जाये बेशक तेरे सारे दांत
एड़ियाँ हो जाए चाहे कितनी भी खुश्क
फट जाये होठ तेरे चाहे
और भूरे हो जाए तेरे केस सारे
तब भी तुझे करूंगा उतना ही प्यार
तेरी अंतरआत्मा देखी है मैंने
जो कभी नहीं होगी पुरानी
बूढ़ी होगी नहीं कभी
हमेशा रहेगी नयी
बिलकुल तेरे आंखो मे बसी मेरे लिए बेचैनी की तरह
बार बार मुझे देख कर खुश होने वाले मन की तरह
तुझे अब की तरह तब भी करुंगा
बेंतहा प्यार .....

Tuesday, January 5, 2016

आब आई हो तो पास ही रहना






























सुबह की शबनम की तरह तेरी आँखों की चमक
शाम के गिरते अंधेरों की तरह जुल्फों की छाव
गुलाब की पंखुड़ी सा तेरी होठों का एहसास
बारह मास खिलने वाले फूलो सा तेरा ये मन
कहाँ से लाई हो ये किस जहां से उतर के आई हो
मेरी जहन मे थी एक तस्वीर
अक्स बनाता था हमेशा मन के जमींन पर
बिलकुल उसी की तरह नजर आती हो तुम
आब आई हो तो पास ही रहना
बुढ़ापा बिताएँगे साथ-साथ
एक दूसरे की उंगली थामे
कंधे संभाले
चलेगे साथ, सात जन्मो की राह पर एक साथ ही
इस जिंदगी के चुक जाने के बाद
अब जिंदगी के हर हिस्से पर
किसी और का भी हक है
कोई और भी चिंतित है
सोंचते है हम भी अब किसी और के लिए

__Infinity

Sunday, January 3, 2016

खुद को तेरी याद दिला लेते है

यू ही बैठे बैठे मुस्कुरा लेते है
खुद को तेरी याद दिला लेते है
वो तुझ से मिल के हुआ था एहसास
उसे बार बार खुद ही जगा लेते है

Tuesday, December 8, 2015

चिड़िया ने फिर बनाया है घोसला


























चिड़िया ने फिर बनाया है घोसला
उस खिड़की की बगल वाले पेड़ पर
कह देना जा कर उस इंसान को
कि काट न दे पेड़ की टहनियाँ फिर से
उसके लिए होगा सिर्फ एक घास-फूस का घोसला
किसी के लिए सारा जहां है वो

--Infinity

Thursday, July 23, 2015

जब भी मिला मुसकुराता मिला तू मुझसे


जब भी मिला मुसकुराता मिला तू मुझसे
लगता था मेरे दिल से तेरा दिल ज्यादा भरा है ...
---Infinity