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Monday, May 11, 2020

दुनिया तो है लेन-देन का नाम ग़ालिब

poor_widow

दुनिया तो है लेन-देन का नाम ग़ालिब
भगवान को भी चढावा मिलाता है
सिर्फ मन्नते पूरी करने के लिए.....

शहरों आम में चर्चा बहुत है तुम्हारी

शहरों आम में चर्चा बहुत है तुम्हारी
ऐसा गुनाह क्या कर दिया तुमने.....
----------------------शाश्वत श्रीपर्व

Wednesday, October 31, 2018

भर फेफड़ा हवा कहाँ



मास्क बिक रहे हैं धरल्ले से बाज़ार में
कट के दरख्त कई पड़े है कतार में
सुबह की हवा वैसी नहीं रही अब
कहते फिर रहे है गमले में पौधे लिए सब
पूछते है पौधे बेचने वाले से कि
दे दो वो पौधा जो देता हो सबसे ज्यादा ऑक्सीजन
बालकोनी के बौने पौधों क्या करेंगे दूर प्रदूषण
अब तक हम पीते थे पानी लगा के फ़िल्टर
मशीन खरीदनी है कल जो हवा को कर रही है साफ़
काश ये हवा साफ़ करने वाली मशीन लगी हो हर चौक पे
फिर २-४ गंगे पी लेंगे दोस्तों के साथ चाय की दूकान में
पूरी सांस भी नहीं मिलती है अब
भर फेफड़ा हवा कहाँ

#Infinity


Saturday, October 20, 2018

मन का रावण



रावण जल गया
मेला उसर गया
फिर पैदा किया जाएगा रावण
उसे करने दिया जाएगा ज़ुल्म
पाला पोशा जाएगा सँवारा जाएगा
कई एक के मन में बहुत भीतर
फिर एक बार अगले साल
उसे जला मार देने की होगी रश्म अदाएगी

#Infinity


Sunday, October 15, 2017

उस पेड़ के कट जाने के बाद



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उसके बाद

लूझ के उठा लेते थे जो बोझ अपनी पत्तियों पर
जमा है धूल हमारे खिड़कीओं पे वो अब
रोशनी की भी झुक जाती है कमर
लड़ते हुए इन मिट्टी जमी शीशों से
सांस की भी सीमा घट गई है
सड़क वाले उस पेड़ के कट जाने के बाद

#Infinity

Wednesday, October 4, 2017

रोको समाज में फैले अपने दरिंदो को





रोकते क्यों हो 
अपनी बच्चिओं को जीने से,
रोको !
समाज में फैले अपने दरिंदो को
#Infinity



Saturday, August 12, 2017

नोटों की चुप आवाज गूंजती है



नोटों की चुप आवाज गूंजती है
बहुत बहुत दूर दूर तक
भूखे पेट की आवाज़ लगी सबको
चुप बहुत चुप


#Infinity

तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता





तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता
सज़ा देता है तू शायद बदले उसी के

#Infinity



वोट दे के तुम्हे सहंनशाह बनाने वालो की खता





देश के लाल मर जायेंगे यूँ हीं
तो देश कौन संभालेगा ये बता
क्या है वोट दे के तुम्हे सहंनशाह बनाने वालो की खता
खुद की गुणगान में खर्च किये करोड़ो
कुछ एक बच्चो को न बचा सके
क्या है मेरे अपने, तुम्हारे होने के उस गद्दी पर
जब मेरे बच्चो का भविष्य में अंधेर है

#Infinity


Wednesday, August 2, 2017

उसके छोटे कंधे ने उठा लिया है समय से पहले सारे परिवार का बोझ






मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे में
चल रही है नोटों की गिनती
बाहर मर जा रहा है
भूख से हर रोज कोई मजबूर आत्मा
गुल्ली डंडे वाले हाँथ
ढूंढता है कूड़े के ढेर में रोटी
गिनता है रोटी और घर के सदस्य
उसके छोटे कंधे ने उठा लिया है
समय से पहले सारे परिवार का बोझ


#Infinity

Thursday, July 20, 2017




उनको तो पेट के लिए
बेचनी पड़ती है इज्जत
करना पड़ता है देह का व्यापार
तुम्हारी क्या मजबूरी थी
जो तुम लूट लेते हो अश्मत किसी की
कर क्यों देते हो
किसी का मन का देह ताड़-ताड़


__Infinity

Friday, June 23, 2017

Someone else will take the credit



Let's kill fight destroy, God will take credit for that.
Let's ruin destruct Religion will take credit for that
Lets Cuts the trees Building will take the credit for that
Let's Rape the Girls Clothes will take credit for that
Let's cheat lie, Credit will go surely to others.
Let's take bribe, Work will take the credit for that
Let's abort an unborn life doctors will take credit for that
Let's kill the childhood and competition will take credit for that
Let's molest someone behaviour will take credit for that
Let's cheat someone Kal Aug will take credit for that
Let's cheat our partner's satisfaction will take credit for that
Let's discard old parent's Generation gap will take credit for that
Let's divide us, foreigners will take credit for that
Stop fooling around, It's more than we than them, Look in the Mirror passionately Mirror shows what we are ...


__Infinity__


Thursday, May 25, 2017

असली ऊपर वाला तो निचे बैठा है


मन्त्र पढ़ हिन्दू बन गए
कलमा पढ़ा बन गए मुस्लमान
हालालुया कह बन गए ईसाई
गुरुवाणी कह के सिक्ख हो गए
ऊपर वाला अँधा बेहरा और गूंगा है शयद
या कि सोचता होगाहम तो यूँ ही बैठे है
असली ऊपर वाला तो निचे बैठा है

__INfinity

Wednesday, February 15, 2017

परदे आँखों पे हो तो बेहतर है जनाब



परदे आँखों पे हो तो बेहतर है जनाब
कपड़े पुरे भी हो
 दरिंदे लूट जाते है आबरू अबलाओ की

 __Infinity

Thursday, February 9, 2017

हो जाओ बड़े बहुत


हो जाओ बड़े बहुत
हो जाओ खूब दूर पुराने रिश्तों से
मत पहचानना,
जब यादे खटकाये किवाड़ तुम्हारा
याद रखना हमेशा लेकिन
जब भी तुम्हे तुम्हारे जैसे लोग
कभी दिल दुखाये तुम्हारा
कई कंधे तुम्हारे सर के इंतज़ार में तब भी होंगे
तुम्हारे आंसुओ के लिए
कुछ ईमानदार रिश्ते तब भी करेंगे इंतज़ार
कीमत जान जाओगे
उन उंगलिओ की
उठेंगी जो पोंछने के लिए आंसूओ तुम्हारे

__Infinity

Tuesday, August 30, 2016

देश बिक रहा है





देश बिक रहा है
तुम भी अपना हिस्सा बेंच दो  हुक्मराणों
हम तो तब भी फकीर थे
रहेंगे वही
हमारे हिस्से मे तो दो गज जमीन भी नहीं
गिरेंगे कहीं मिल जाएंगे मिट्टी मे
उगे थे जहां से
तुम अपने सोने वाले पंख लगा के
उड़ जाना फूलों के बाग की ओर

__Infinity

Wednesday, June 15, 2016

अच्छे मौसमों मे तो हर बात अच्छी होती है




तूफानो मे ही मांझी का पता चलता है
वरना अच्छे मौसमों मे तो हर बात अच्छी होती है

 __Infinity

Monday, June 13, 2016

धरती माँ का गला दबा रहे है






सजीब पेड़ को काट कर
निर्जीव कंकरीट के जंगल बना रहे है
हर रोज एक किस्त
अपने धरती माँ का गला दबा रहे है


__Infinity

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Thursday, June 9, 2016

कोई खाने के लिए मरता है यहाँ कोई खा के मर जाता है








शर्ट के पवंदो में नजर आती है औकात हमारी
कोई खाने के लिए मरता है यहाँ कोई खा के मर जाता है

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