दुनिया तो है लेन-देन का नाम ग़ालिब
भगवान को भी चढावा मिलाता है
सिर्फ मन्नते पूरी करने के लिए.....
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Monday, May 11, 2020
Friday, May 8, 2020
जिंदगी गरीबों की
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दर्द
Wednesday, October 31, 2018
भर फेफड़ा हवा कहाँ
मास्क बिक रहे हैं धरल्ले से बाज़ार में
कट के दरख्त कई पड़े है कतार में
सुबह की हवा वैसी नहीं रही अब
कहते फिर रहे है गमले में पौधे लिए सब
पूछते है पौधे बेचने वाले से कि
दे दो वो पौधा जो देता हो सबसे ज्यादा ऑक्सीजन
बालकोनी के बौने पौधों क्या करेंगे दूर प्रदूषण
अब तक हम पीते थे पानी लगा के फ़िल्टर
मशीन खरीदनी है कल जो हवा को कर रही है साफ़
काश ये हवा साफ़ करने वाली मशीन लगी हो हर चौक पे
फिर २-४ गंगे पी लेंगे दोस्तों के साथ चाय की दूकान में
पूरी सांस भी नहीं मिलती है अब
भर फेफड़ा हवा कहाँ
#Infinity
Saturday, October 20, 2018
Saturday, August 12, 2017
नोटों की चुप आवाज गूंजती है
नोटों की चुप आवाज गूंजती है
बहुत बहुत दूर दूर तक
भूखे पेट की आवाज़ लगी सबको
चुप बहुत चुप
#Infinity
तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता
तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता
सज़ा देता है तू शायद बदले उसी के
#Infinity
Wednesday, August 2, 2017
Thursday, May 25, 2017
असली ऊपर वाला तो निचे बैठा है
मन्त्र पढ़ हिन्दू बन गए
कलमा पढ़ा बन गए मुस्लमान
हालालुया कह बन गए ईसाई
गुरुवाणी कह के सिक्ख हो गए
ऊपर वाला अँधा बेहरा और गूंगा है शयद
या कि सोचता होगाहम तो यूँ ही बैठे है
असली ऊपर वाला तो निचे बैठा है
__INfinity
Wednesday, February 15, 2017
Thursday, February 9, 2017
एहसास काफी है फिर एक बार जुड़ने के लिए
चुप रहिये कुछ बोलिये न बेशक
पर रहिये यही
एहसास काफी है फिर एक बार जुड़ने के लिए।
__Infinity
पर रहिये यही
एहसास काफी है फिर एक बार जुड़ने के लिए।
__Infinity
Wednesday, November 2, 2016
गुनाह, सिर्फ ईमानदारी है
यू ना हुआ करो खफा
आईने से हर वक्त
गुनाह, सिर्फ ईमानदारी है उसकी
काम ही है उसका
वो तो सिर्फ चेहरे दिखता है
__Infinity
Tuesday, April 19, 2016
मखमल का विस्तर
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Wednesday, March 30, 2016
ये बीमारी भी सोंच की ही मारी है
सोंच सोंच पे भरी है
ये बीमारी भी सोंच की ही मारी है .....
__Infinity
ये बीमारी भी सोंच की ही मारी है .....
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मासूमो के खू से प्यास नहीं बुझाते
शराब पीने वाले अच्छे होते है जनाव
मासूमो के खू से प्यास नहीं बुझाते
खुद को जलाते है
और खुश भी हो लेते है बहुत ...
__Infinity
मासूमो के खू से प्यास नहीं बुझाते
खुद को जलाते है
और खुश भी हो लेते है बहुत ...
__Infinity
Tuesday, March 22, 2016
Tuesday, March 15, 2016
Monday, March 14, 2016
सरहद कि रक्षा करने वाला कोई निर्जीव लौटा है
पड़ोस मे छाया है सन्नाटा
चुप रहो चुप रहो
कि सरहद कि रक्षा करने वाला
कोई निर्जीव लौटा है
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चुप रहो चुप रहो
कि सरहद कि रक्षा करने वाला
कोई निर्जीव लौटा है
__Infinity
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