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Monday, February 8, 2021

मन है या मौसम

कभी कुछ भी अच्छा लगता है

कभी कुछ भी नहीं

ये मन है या मौसम 

मालूम नहीं


__Infinity

Saturday, October 24, 2020

गाँव वाली सड़क

ये सड़क है वही
शहर की तरफ गया था कभी
मुड़ा नही फिर
गाँव की तरफ
#Infinity

Saturday, October 3, 2020

निष्ठुर ख्वाब गरीबी के

मेरी दुनिया वहीं 

कहीं कोने में ही पड़ी है 

मेरे सपनों का मोल 

निर्धारित है मेरे पैदाइश के पहले से ही

बिक गए कौड़ियों के भाव सब पहली ही खेप में

अकीदतमंद है सिर्फ मेरी मेहनत 

काफिर है सारे मेरे ख्वाब 

बस कत्ल के लायक

मेरी औकाद 

मेरे फटे कपड़े की दहलीज नहीं लांघती कभी

पूरी कोशिश से भी

मेहनत मेरी चमक साहब के चेहरे की

बनाये थे ताजमहल साहब

सारी दुनिया जानती है यही।

#Infinity

Saturday, September 5, 2020

बेकसूर गुनाहगार


बेकसूर गुनाहगार 

मैं खुश हूं तो ग़म किसको है
क्यों तेरे अगोशे-शुकून का गुनाहगार हूँ मैं।
#Infinity

Sunday, May 17, 2020

हमारा हक नही।

मेरे रहनुमा ने निकल दिए अपने दहलीज से
मजदूर है हम गरीब
मकान बनाते है
घर पे हमारा हक नहीं।

#Infinity

Friday, May 8, 2020

जिंदगी गरीबों की



चुग के ले गई राजनीतिक गिद्ध
मजदूरों की ज़िन्दगियाँ
रह गई पीछे
मुँह चिढ़ाती रूखी-सूखी रोटियां

#Infinity

Saturday, February 22, 2020

इंसान कीमती


न हिन्दू कीमती
न मुस्लमान कीमती
इस सारे जहाँ में सिर्फ
इंसान कीमती

#Infinity

Wednesday, October 31, 2018

भर फेफड़ा हवा कहाँ



मास्क बिक रहे हैं धरल्ले से बाज़ार में
कट के दरख्त कई पड़े है कतार में
सुबह की हवा वैसी नहीं रही अब
कहते फिर रहे है गमले में पौधे लिए सब
पूछते है पौधे बेचने वाले से कि
दे दो वो पौधा जो देता हो सबसे ज्यादा ऑक्सीजन
बालकोनी के बौने पौधों क्या करेंगे दूर प्रदूषण
अब तक हम पीते थे पानी लगा के फ़िल्टर
मशीन खरीदनी है कल जो हवा को कर रही है साफ़
काश ये हवा साफ़ करने वाली मशीन लगी हो हर चौक पे
फिर २-४ गंगे पी लेंगे दोस्तों के साथ चाय की दूकान में
पूरी सांस भी नहीं मिलती है अब
भर फेफड़ा हवा कहाँ

#Infinity


Saturday, October 20, 2018

मन का रावण



रावण जल गया
मेला उसर गया
फिर पैदा किया जाएगा रावण
उसे करने दिया जाएगा ज़ुल्म
पाला पोशा जाएगा सँवारा जाएगा
कई एक के मन में बहुत भीतर
फिर एक बार अगले साल
उसे जला मार देने की होगी रश्म अदाएगी

#Infinity


Sunday, October 14, 2018

पत्थरों के बीच खिला है एक छोटा पौधा



पत्थरों के बीच खिला है एक छोटा पौधा
लड़ना था उसे बस
याद रहा उसे इतना हीं
किसने क्या कहा
किसने क्या किया
क्या मालूम क्या पता
उसने तो सिर्फ़ ये किया
कि उसने तो सिर्फ़ अपना पक्ष जिया
कहना तो बहुत था आसान
उसने सिर्फ़ किया
बेफ़िक्र जिया बेफ़िक्र जिया

#Infinity



हो जा सुनहरे पंखों पर सवार



यूँ ना हार
कर अपने डर को पार
यहीं थोड़ा अँधेरा है बस
वहाँ तो सब जगमग
कुछ तो सोचा है तेरे लिए भी
उसने
अनाथ भी है तो क्या पूरा जहाँ है तेरा
जिसे चाहे अपना बना
हो जा सुनहरे पंखों पर सवार


#Infinity


Friday, March 16, 2018

भूला नहीं तुझे भूल से भी




तू नहीं तो क्या
तेरी याद मेरी ही तो है
तू याद है अब भी
भूला नहीं तुझे भूल से भी

#Infinity

Wednesday, February 14, 2018

ख़ुशी की महक तेरे साथ जैसा



ख़ुशी की महक कैसी है पता कर जरा
जिंदगी में तेरे होने का एहसास जैसा ही होगा जानता हूँ

#Infinity


Sunday, October 15, 2017

उस पेड़ के कट जाने के बाद



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उसके बाद

लूझ के उठा लेते थे जो बोझ अपनी पत्तियों पर
जमा है धूल हमारे खिड़कीओं पे वो अब
रोशनी की भी झुक जाती है कमर
लड़ते हुए इन मिट्टी जमी शीशों से
सांस की भी सीमा घट गई है
सड़क वाले उस पेड़ के कट जाने के बाद

#Infinity

Wednesday, October 4, 2017

रोको समाज में फैले अपने दरिंदो को





रोकते क्यों हो 
अपनी बच्चिओं को जीने से,
रोको !
समाज में फैले अपने दरिंदो को
#Infinity



Sunday, August 13, 2017

अंदर के इंसान को इंसान ही रहने दो




हिन्दू को हिन्दू
मुस्लमान को मुसलमान ही रहने दो
कलयुग में बचा है जो थोड़ा सा
अंदर के इंसान को इंसान ही रहने दो

#Infinity


Saturday, August 12, 2017

नोटों की चुप आवाज गूंजती है



नोटों की चुप आवाज गूंजती है
बहुत बहुत दूर दूर तक
भूखे पेट की आवाज़ लगी सबको
चुप बहुत चुप


#Infinity

तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता





तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता
सज़ा देता है तू शायद बदले उसी के

#Infinity



वोट दे के तुम्हे सहंनशाह बनाने वालो की खता





देश के लाल मर जायेंगे यूँ हीं
तो देश कौन संभालेगा ये बता
क्या है वोट दे के तुम्हे सहंनशाह बनाने वालो की खता
खुद की गुणगान में खर्च किये करोड़ो
कुछ एक बच्चो को न बचा सके
क्या है मेरे अपने, तुम्हारे होने के उस गद्दी पर
जब मेरे बच्चो का भविष्य में अंधेर है

#Infinity


Thursday, August 3, 2017

आप दान करना चाहते तो अनाथालय या वृद्धाश्रम में कीजिये एक जगह किसी को अपनो ने छोड़ दिया और एक तरफ किसी को अपना मिला ही नही

आप दान करना चाहते तो अनाथालय या वृद्धाश्रम में कीजिये एक जगह किसी को अपनो ने छोड़ दिया और एक तरफ किसी को अपना मिला ही नही
#Infinity