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Monday, May 11, 2020

दुनिया तो है लेन-देन का नाम ग़ालिब

poor_widow

दुनिया तो है लेन-देन का नाम ग़ालिब
भगवान को भी चढावा मिलाता है
सिर्फ मन्नते पूरी करने के लिए.....

शहरों आम में चर्चा बहुत है तुम्हारी

शहरों आम में चर्चा बहुत है तुम्हारी
ऐसा गुनाह क्या कर दिया तुमने.....
----------------------शाश्वत श्रीपर्व

Friday, May 8, 2020

जिंदगी गरीबों की



चुग के ले गई राजनीतिक गिद्ध
मजदूरों की ज़िन्दगियाँ
रह गई पीछे
मुँह चिढ़ाती रूखी-सूखी रोटियां

#Infinity

Saturday, October 20, 2018

मन का रावण



रावण जल गया
मेला उसर गया
फिर पैदा किया जाएगा रावण
उसे करने दिया जाएगा ज़ुल्म
पाला पोशा जाएगा सँवारा जाएगा
कई एक के मन में बहुत भीतर
फिर एक बार अगले साल
उसे जला मार देने की होगी रश्म अदाएगी

#Infinity


Sunday, October 14, 2018

पत्थरों के बीच खिला है एक छोटा पौधा



पत्थरों के बीच खिला है एक छोटा पौधा
लड़ना था उसे बस
याद रहा उसे इतना हीं
किसने क्या कहा
किसने क्या किया
क्या मालूम क्या पता
उसने तो सिर्फ़ ये किया
कि उसने तो सिर्फ़ अपना पक्ष जिया
कहना तो बहुत था आसान
उसने सिर्फ़ किया
बेफ़िक्र जिया बेफ़िक्र जिया

#Infinity



हो जा सुनहरे पंखों पर सवार



यूँ ना हार
कर अपने डर को पार
यहीं थोड़ा अँधेरा है बस
वहाँ तो सब जगमग
कुछ तो सोचा है तेरे लिए भी
उसने
अनाथ भी है तो क्या पूरा जहाँ है तेरा
जिसे चाहे अपना बना
हो जा सुनहरे पंखों पर सवार


#Infinity


Monday, September 24, 2018

दबे कदम आ रही है ठण्ड



बस कुछ ही दूरी पर दिख रही है
अंगीठी छुपाये कम्बल लपेटे
चाय की चुस्कीओं में
ओस की बूंदो में चमकती
धुंध में चुप चाप
दबे कदम आ रही है ठण्ड


#Infinity

Friday, November 17, 2017

माँ है वो माँ ही तो है वो


तोड़ के अपने
बुन देती है पंख मेरे
टूटी भी हो खुद तो
जोड़ देती है मुझे हरवक्त
माँ है वो
आँसू ले के मेरे
पंखुड़ियां लौटा देती है गुलाब की
खाली पेट भी हो तो पूछती है और ले लो थोड़ी
दिखाती नही एक कतरा चोटिल भी हो गर
बटोर के ले लेती है दुख सारे
माँ है वो माँ ही तो है वो।
#Infinity




Sunday, October 15, 2017

फिर एक बार




स्ट्रीट लाइट की
सफ़ेद टूह टूह रोशनी मे
झूमते पतंगो को भी
इंतज़ार है
दिवाली के दीयों की टिमटिमाती रोशनी की
खाक हो जाने के लिए फिर एक बार


#Infinity

Sunday, August 13, 2017

अंदर के इंसान को इंसान ही रहने दो




हिन्दू को हिन्दू
मुस्लमान को मुसलमान ही रहने दो
कलयुग में बचा है जो थोड़ा सा
अंदर के इंसान को इंसान ही रहने दो

#Infinity


Saturday, August 12, 2017

नोटों की चुप आवाज गूंजती है



नोटों की चुप आवाज गूंजती है
बहुत बहुत दूर दूर तक
भूखे पेट की आवाज़ लगी सबको
चुप बहुत चुप


#Infinity

वोट दे के तुम्हे सहंनशाह बनाने वालो की खता





देश के लाल मर जायेंगे यूँ हीं
तो देश कौन संभालेगा ये बता
क्या है वोट दे के तुम्हे सहंनशाह बनाने वालो की खता
खुद की गुणगान में खर्च किये करोड़ो
कुछ एक बच्चो को न बचा सके
क्या है मेरे अपने, तुम्हारे होने के उस गद्दी पर
जब मेरे बच्चो का भविष्य में अंधेर है

#Infinity


Sunday, July 9, 2017

मेरा हर बेहतर हिस्सा हो जाये तेरा



मुस्कुराना सीखा है, मैंने तुझ से
तुझसे सीखा है बे मतलब खुश हो जाना
तू है तो सब है, तेरे बिन कुछ भी तो, नहीं
हर एक दिन, लाये ढेर खुशिया हिस्से में तेरे
मेरा हर बेहतर हिस्सा हो जाये तेरा


__Infinity


Thursday, February 9, 2017

एहसास काफी है फिर एक बार जुड़ने के लिए

चुप रहिये कुछ बोलिये न बेशक
पर रहिये यही
एहसास काफी है फिर एक बार जुड़ने के लिए।
__Infinity

Tuesday, August 30, 2016

तेरे साथ की उम्मीद जोड़ देती है


हर बार
टूट के हो जाता हूँ चूर चूर बिछड़ के तुझ
से फिर से तेरे साथ की उम्मीद जोड़ देती है

__Infinity

Thursday, May 12, 2016

मेरी जिंदगी का अधूरा पक्ष अब तुझ से ही पूरा होता है


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मेरी शाम सुबह है तुझसे अब
दिन रात तुझी से होता है
मेरी जिंदगी का अधूरा पक्ष
अब तुझ से ही पूरा होता है

__Infinity
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Saturday, May 7, 2016

मेरे शब्द चुरा के धनी हो गया कोई

मेरे शब्द चुरा के धनी हो गया कोई
मैं अपने नए शब्दों के साथ आमिर बना रहा

__Infinity

Thursday, May 5, 2016

आंसू भी बड़े समझदार हो गए है

आंसू भी बड़े समझदार हो गए है
निकलते है सोच समझ के आजकल।।।।

_Infinity

Tuesday, April 19, 2016

मखमल का विस्तर


मखमल का विस्तर
चुभता रहा रात भर
एक मजदूर सूखी रोटी खा के
सो गया फर्श पर सुकून से

__Infinity

Wednesday, March 30, 2016

मासूम बेईमानीयाँ

तेरी मासूम बेईमानीयाँ खूबसूरत है इतनी
हजार ईमानदार कुर्बान क्यूँ न करे हम ....

 __Infinity