Thursday, July 20, 2017
Sunday, July 9, 2017
मेरा हर बेहतर हिस्सा हो जाये तेरा
मुस्कुराना सीखा है, मैंने तुझ से
तुझसे सीखा है बे मतलब खुश हो जाना
तू है तो सब है, तेरे बिन कुछ भी तो, नहीं
हर एक दिन, लाये ढेर खुशिया हिस्से में तेरे
मेरा हर बेहतर हिस्सा हो जाये तेरा
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Saturday, July 1, 2017
जिंदगी जियो भरपूर और मर जाओ यार
जिंदगी जियो भरपूर और मर जाओ यार
कौन क्या ले गया है
क्या ले जा सकेगा कोई
जो संजोते रहते हो रोज
यूं ही भर जाएगा झुर्रियी से चेहरा
क्यूं भर लेते हो लकीरे माथे पर बार बार
कब रुकी है कब रुकेगी ये दुनिया
तुम हम वो हो या न हो
चलती है चलती रहेगी ये दुनिया
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Friday, June 23, 2017
Someone else will take the credit
Let's kill fight destroy, God will take credit for that.
Let's ruin destruct Religion will take credit for that
Lets Cuts the trees Building will take the credit for that
Let's Rape the Girls Clothes will take credit for that
Let's cheat lie, Credit will go surely to others.
Let's take bribe, Work will take the credit for that
Let's abort an unborn life doctors will take credit for that
Let's kill the childhood and competition will take credit for that
Let's molest someone behaviour will take credit for that
Let's cheat someone Kal Aug will take credit for that
Let's cheat our partner's satisfaction will take credit for that
Let's discard old parent's Generation gap will take credit for that
Let's divide us, foreigners will take credit for that
Stop fooling around, It's more than we than them, Look in the Mirror passionately Mirror shows what we are ...
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Monday, June 12, 2017
नही आएगा डाकिया
घर के आंगन वाले पेड़ से
तोड़ के कुछ कच्चे पक्के आम
बैठ जाते है बाबा सड़क के किनारे
बेच कर
चलाते है गुजारा
आधे भरे पेट से जूझते है रोज
बचपन मे रोपा था एक गुठली
पत्नी के छत्तीस महीनों के कष्ट से
चार बच्चे थे उनके
अब साथ नही रहते वो
बड़े हो जाने के बाद
उस पेड़ की तरह
जड़े नही जमी थी जमीन से
महीने के आखरी तारिक पे आते है मिलने
सब एक साथ
सरकार की तरफ से मिलता है
बृद्धा पेंशन
एक दिन खुशहाली पसरती है उनके यहां
जब लाता है डंकिया मनीऑर्डर
फिर से पुरे महीने
बस होते है बूढ़े बाबा और आम का पेड़
बाबा अपनी सारी तकलीफे
कह देते है उस पेड़ के कान में
चुपके से
चुप, सुन लेता था वह पेड़
हल्का हो जाता है मन बूढ़े बाबा का थोड़ा
बनी रहती है जिजीविषा
उम्र के इस पड़ाव में भी
दिखे नही लाचार, बच्चो को
सुना है अंधी बहुत तेज आयी थी कल रात
शायद वो पेड़ उखड़ गया है
और बच्चे चिंतित है कि अगले महीने
से नही आएगा डाकिया .....
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Sunday, May 28, 2017
कोशिश मैन भी किया था
मैं हूँ वो छोटी सी गिलहरी रामायण वाली
धूल में लिपट के बस सेतु पर उड़ेल देता हूँ
कतरे धूल के कुछ
अंजुलियों को अपने पीठ पर फेरे जाने चाह में
लगा हूँ कोशिश बहुत छोटी सी है पुण्य के लड़ाई में
एक कतरा ही सही भविष्य को
कह पाऊंगा कि मैंने भी किया था कोशिश
नर्म बिस्तर छोड़ के मुश्किलें को थोड़ी
टक्कर दी है मैंने भी
भविष्य बचाने के लिए मैंने भी अपना वर्तमान दिया था
चुप नही सहा था मैंने साजिश समय का
कोशिश मैन भी किया था बेशक।
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Thursday, May 25, 2017
असली ऊपर वाला तो निचे बैठा है
मन्त्र पढ़ हिन्दू बन गए
कलमा पढ़ा बन गए मुस्लमान
हालालुया कह बन गए ईसाई
गुरुवाणी कह के सिक्ख हो गए
ऊपर वाला अँधा बेहरा और गूंगा है शयद
या कि सोचता होगाहम तो यूँ ही बैठे है
असली ऊपर वाला तो निचे बैठा है
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Tuesday, April 11, 2017
इंतजार में बैठे रिश्ते
इंतजार में बैठे रिश्ते
तुम आओ उड़ के भरपूर
छू के आओ गगन सारा
लाँघ आओ महासागर सारे
हम यहीं है
रहेंगे इंतजार में जिन्दा रहने तक
अस्थियां भी करेंगी इंतज़ार तुम्हारा
जब थक जाना दौड़ते-दौड़ते
आज जाना
जब भी जरूरत पड़े सुस्ताने की
हमारे अंजुलिओं की छाँव
अब भी गहरी है
इंतजार में बैठे रिश्ते
फिर अपना लेंगे तुम्हे ......
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Sunday, March 12, 2017
जिंदगी और मौत हर किसी का है
जिंदगी और मौत
हर किसी का है
कोई मान लेता है
किसी को मनना पड़ता है ग़ालिब
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