Friday, March 16, 2018
Wednesday, February 14, 2018
Friday, November 17, 2017
Sunday, October 15, 2017
उस पेड़ के कट जाने के बाद
उसके बाद
लूझ के उठा लेते थे जो बोझ अपनी पत्तियों पर
जमा है धूल हमारे खिड़कीओं पे वो अब
रोशनी की भी झुक जाती है कमर
लड़ते हुए इन मिट्टी जमी शीशों से
सांस की भी सीमा घट गई है
सड़क वाले उस पेड़ के कट जाने के बाद
#Infinity
Wednesday, October 4, 2017
रोको समाज में फैले अपने दरिंदो को
रोकते क्यों हो
अपनी बच्चिओं को जीने से,
अपनी बच्चिओं को जीने से,
रोको !
समाज में फैले अपने दरिंदो को
समाज में फैले अपने दरिंदो को
#Infinity
Sunday, August 13, 2017
Saturday, August 12, 2017
नोटों की चुप आवाज गूंजती है
नोटों की चुप आवाज गूंजती है
बहुत बहुत दूर दूर तक
भूखे पेट की आवाज़ लगी सबको
चुप बहुत चुप
#Infinity
तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता
तुझे बना के शहंशाह जो की हमने खता
सज़ा देता है तू शायद बदले उसी के
#Infinity
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