Thursday, August 3, 2017
आप दान करना चाहते तो अनाथालय या वृद्धाश्रम में कीजिये एक जगह किसी को अपनो ने छोड़ दिया और एक तरफ किसी को अपना मिला ही नही
आप दान करना चाहते तो अनाथालय या वृद्धाश्रम में कीजिये एक जगह किसी को अपनो ने छोड़ दिया और एक तरफ किसी को अपना मिला ही नही
#Infinity
Wednesday, August 2, 2017
उसके छोटे कंधे ने उठा लिया है समय से पहले सारे परिवार का बोझ
मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे में
चल रही है नोटों की गिनती
बाहर मर जा रहा है
भूख से हर रोज कोई मजबूर आत्मा
गुल्ली डंडे वाले हाँथ
ढूंढता है कूड़े के ढेर में रोटी
गिनता है रोटी और घर के सदस्य
उसके छोटे कंधे ने उठा लिया है
समय से पहले सारे परिवार का बोझ
#Infinity
Saturday, July 29, 2017
न चले फटे जेब का बहाना शायद
आज शाम लौटने के बाद घर काम के बाद
न चले फटे जेब का बहाना शायद
बच्चे हो गए है समझदार उनकीं आंखे बता देती है सब।
#Infinity
Sunday, July 23, 2017
मर जाते है लोग भूख से यहाँ
फसलें सड़ जाती है गोदामों में
मर जाते है लोग भूख से यहाँ।
#Infinity
मेरे बालकोनी के गमले का वह नन्हा सा पौधा
पूरी रात मैं नहीं सोया
कल रात मैं बहुत रोया
मेरे बालकोनी के गमले का वह नन्हा सा पौधा बड़ा हुआ
मैं उसे बड़े बाग में रोप आया
अपनी छाहँ से निकाल उसे
कुदरत के भरोसे छोड़ आया।
पर खुश भी हूँ शायद
मेरे छोटे से गमले में बंधा शायद वो खुश न था
उस बगीचे के हरियाली में वो भी पेड़ बन जाये या खुदा
और फिर उसका बीज कभी मेरे गमले में वापिस आये।
फिर मैं सींच कर उसके बीज को एक छोटा पौधा फिर बनाऊं
और फिर किसी हरे भरे बड़े से बाग में लगा आऊँ।
#Infinity
Thursday, July 20, 2017
उनको तो पेट के लिए
बेचनी पड़ती है इज्जत
करना पड़ता है देह का व्यापार
तुम्हारी क्या मजबूरी थी
जो तुम लूट लेते हो अश्मत किसी की
कर क्यों देते हो
किसी का मन का देह ताड़-ताड़
__Infinity
Sunday, July 9, 2017
मेरा हर बेहतर हिस्सा हो जाये तेरा
मुस्कुराना सीखा है, मैंने तुझ से
तुझसे सीखा है बे मतलब खुश हो जाना
तू है तो सब है, तेरे बिन कुछ भी तो, नहीं
हर एक दिन, लाये ढेर खुशिया हिस्से में तेरे
मेरा हर बेहतर हिस्सा हो जाये तेरा
__Infinity
Saturday, July 1, 2017
जिंदगी जियो भरपूर और मर जाओ यार
जिंदगी जियो भरपूर और मर जाओ यार
कौन क्या ले गया है
क्या ले जा सकेगा कोई
जो संजोते रहते हो रोज
यूं ही भर जाएगा झुर्रियी से चेहरा
क्यूं भर लेते हो लकीरे माथे पर बार बार
कब रुकी है कब रुकेगी ये दुनिया
तुम हम वो हो या न हो
चलती है चलती रहेगी ये दुनिया
__Infinity
Friday, June 23, 2017
Someone else will take the credit
Let's kill fight destroy, God will take credit for that.
Let's ruin destruct Religion will take credit for that
Lets Cuts the trees Building will take the credit for that
Let's Rape the Girls Clothes will take credit for that
Let's cheat lie, Credit will go surely to others.
Let's take bribe, Work will take the credit for that
Let's abort an unborn life doctors will take credit for that
Let's kill the childhood and competition will take credit for that
Let's molest someone behaviour will take credit for that
Let's cheat someone Kal Aug will take credit for that
Let's cheat our partner's satisfaction will take credit for that
Let's discard old parent's Generation gap will take credit for that
Let's divide us, foreigners will take credit for that
Stop fooling around, It's more than we than them, Look in the Mirror passionately Mirror shows what we are ...
__Infinity__
Monday, June 12, 2017
नही आएगा डाकिया
घर के आंगन वाले पेड़ से
तोड़ के कुछ कच्चे पक्के आम
बैठ जाते है बाबा सड़क के किनारे
बेच कर
चलाते है गुजारा
आधे भरे पेट से जूझते है रोज
बचपन मे रोपा था एक गुठली
पत्नी के छत्तीस महीनों के कष्ट से
चार बच्चे थे उनके
अब साथ नही रहते वो
बड़े हो जाने के बाद
उस पेड़ की तरह
जड़े नही जमी थी जमीन से
महीने के आखरी तारिक पे आते है मिलने
सब एक साथ
सरकार की तरफ से मिलता है
बृद्धा पेंशन
एक दिन खुशहाली पसरती है उनके यहां
जब लाता है डंकिया मनीऑर्डर
फिर से पुरे महीने
बस होते है बूढ़े बाबा और आम का पेड़
बाबा अपनी सारी तकलीफे
कह देते है उस पेड़ के कान में
चुपके से
चुप, सुन लेता था वह पेड़
हल्का हो जाता है मन बूढ़े बाबा का थोड़ा
बनी रहती है जिजीविषा
उम्र के इस पड़ाव में भी
दिखे नही लाचार, बच्चो को
सुना है अंधी बहुत तेज आयी थी कल रात
शायद वो पेड़ उखड़ गया है
और बच्चे चिंतित है कि अगले महीने
से नही आएगा डाकिया .....
__∞
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