Wednesday, September 17, 2014

औकात अपनी भी

गिर के देख लेते है फिर एक बार
पता चल जाये उठाने के लिए बढ़ते हुए हाथों से
औकात अपनी भी
-----Infinity

Monday, September 8, 2014

हिचकियों से पता लगता ही होगा तुम्हें अक्सर

Jikr karata hoo hamesha tumhara
Har roj
Hichkiyon se pata lagata hi hoga tumhe aksar

जिक्र करता हू हमेशा तुम्हारा
हर रोज
हिचकियों से पता लगता ही होगा तुम्हें अक्सर

: Infinity

Tuesday, August 12, 2014

जिनका साथ छोड के चल दिये जालिम

जिनका साथ छोड के चल दिये जालिम
उसी की आस लगाए बैठे है ...
जरूरत थी जब तो न जाने कौन थे हम
जब जरूरत आयी तो हम ही हम है गालिब
-----Infinity

Wednesday, August 6, 2014

नई किताबों की खुशबू आई है कहीं से




नई किताबों की खुशबू आई है कहीं से
लगता है फिर कोई
बच्चा जिल्द चढ़ा रहा है किताबों पर
पेंसिल के छिलको की फूल बना देखा कहीं
नए टिफिन बॉक्स दिखा है घर पर
लगता है फिर एक नहीं पीढ़ी
पढ़ने की कोशिश मे है
स्कूल की घंटियो की आवाज आई कहीं से कानो मे
स्कूल बस दिखा है घर के सामने
लगता है फिर एक बार कोई बच्चा
स्कूल की खोज मे निकला है
दुनिया की रस्मों को निभाने निकला है॥
---------Infinity

Sunday, August 3, 2014

भाई बस राखी के बाड़ेले यही चाहिए कि हर के अवला मे मुझे देखोगे..... भाई वादा करदों राखी पे आज .....























इस राखी हर बहन कहे अपने भाई से की मेरी रक्षा के साथ भाई वादा करो कि किसी अकेली लड़की को गलत नजर से नहीं देखोगे उसकी भी मदद करोगे सुरक्षित घर पाहुचने मे .... मुझे पैसे नहीं चाहिए राखी के बदले मुझे कोई गिफ्ट नहीं चाहिए बस एक वादा चाहिए कि आप किसी कि अस्मत नहीं लूटोगे किसी और कि बहन को बेआबरू नहीं करोगे ॥ भाई बस राखी के बाड़ेले यही चाहिए कि हर के अवला मे मुझे देखोगे..... भाई वादा करदों राखी पे आज ..... 

Thursday, July 24, 2014

Poems And Articles By Shashu: तेरी जगह तेरी याद सो गई थी कल रात

Poems And Articles By Shashu: तेरी जगह तेरी याद सो गई थी कल रात: तेरी जगह तेरी याद सो गई थी कल रात पूरी रात आंसुओं से भिंगी रही आंखे मेरी....... ---Infinity



















गोदामो मे दबा माल समय के साथ सड़ता रहा
बाहर एक बेनसीब गरीब भूखा पेट मारता रहा ....
दुहाई देती रही सरकार अनाज के न होने की
और चूहे पार्टियां मानते रहे ....

Friday, July 18, 2014

तेरी जगह तेरी याद सो गई थी कल रात

तेरी जगह तेरी याद सो गई थी कल रात
पूरी रात आंसुओं से भिंगी रही आंखे मेरी.......
---Infinity

रोटी सिर्फ एक है और भूखे दोगुने

उसके घर मे भी
पक गई रोटी
रोटी सिर्फ एक है और भूखे दोगुने
---Infinity

पता न चला कब बारिश के पानी कब धुले गए थे आँसू....

बारिश हुई थी कल किसी की आँख गीली हुई थी
पता न चला कब बारिश के पानी कब धुले गए थे आँसू....
---Infinity