हमारे फटे थे कपड़े की औकात नहीं थी हमारी उनकी औकात बहुत बड़ी थी इसलिए खुद फाड़ लिया और फटे हिस्सो से उनके शरीर के अंग मुह चिढ़ाते रहे हमे...... ----Infinity
रोड पे बैठे भिखारी ने आधी रोटी कुत्ते को दे दी
आर आधी बचा के रख ली रात के गुजरे के लिय
और पिज्जा हट मे बैठे इंसान को देखता रहा एक भूखा बच्चा
शीशे की दीवार के दूसरी ओर से टक टक
और ऊसके अपने ही थूक से मिटती रही उसकी भूख
और बचे हुए पिज्जे से कूड़ेदान ने भर लिया अपना पेट
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