Patange to udati hai kat ke chali jaati hai kahi aur
dosti karani hai to dor se karo
ki kat ke bhi paas rah jaati hai....
Sunday, April 7, 2013
Patange to udati hai kat ke chali jaati hai kahi aur
किसी को फेकने से फुर्सत नहीं....
किसी को खाने के लिए काफी नहीं है ग़ालिब
किसी को फेकने से फुर्सत नहीं....
एक इंसान कि इंसानियत
कबतक सोयेगी ....
Saturday, April 6, 2013
Friday, April 5, 2013
Ek ped kat ke doosare ped ke chaaaow me
Ek ped kat ke
doosare ped ke chaaaow me baith jaate hai
ki fir teesare ped kaat sake..
kitane vyavahari hai hum...
Sunday, March 31, 2013
इस कलम में भी स्याही है
इस कलम में भी स्याही है
स्याही ही उस कलम में भी
बस लिखा गया तो किसी
हम और आप जैसे लोगो
के मन कि भड़ास भर है...
भूखे हिंदू भी है मुसलमां भी भूख के मारे है.....
भूखे हिंदू भी है मुसलमां भी भूख के मारे है.....
कह दो राजनेताओ से..
कि राज करने कि सोच पीछे छोड़
नीति की बात करे....
उस छोटी सी बच्ची के छोटे से बस्ते में एक टूटी हुई पेन्सिल और और एक आधा स्लेट
उस छोटी सी बच्ची के छोटे से बस्ते में एक टूटी हुई पेन्सिल और और एक आधा स्लेट मन ही मन जोर जोर से कहा रहा है, मै भी पढाना चाहता हूँ डिग्री इससे पहले कि कोई शादी की डोर बाँध ले जाए मेरे सपने कही और जहाँ अस्तित्व के नाम पे सिर्फ माँ बहू बन के रह जाओ.. मै भी बनाना चाहती होऊ कल्पना चावला किरण वेदी कि अधिकार है मेरा भी कुछ और बनाने का