Thursday, November 22, 2012
Wednesday, October 31, 2012
Koi nahi
Koi nahi sochata mere baare me koi
log kahate hai bhale log bhaut hai is jahan me.....
कोई नहीं सोचता मेरे बारे में
लोग कहते हैभले लोग बहुत है इस जहां मे...
कि रात हो चुकी है
So jaao dost ki ab raat ho chuki hai
har baat ek jajbaat ho chuki hai
kal kar lena fir se mulakaat
ki aa ki mulakat khash ho chuki hai....
सो जाओ दोस्त कि अब रात हो चुकी है
हर बात एक जज़बात हो चुकी है
कल कर लेना फिर से मुलाक़ात
की आज की मुलाक़ात खश हो चुकी है.....
कि रात हो चुकी है
har baat ek jajbaat ho chuki hai
kal kar lena fir se mulakaat
ki aa ki mulakat khash ho chuki hai....
सो जाओ दोस्त कि अब रात हो चुकी है
हर बात एक जज़बात हो चुकी है
कल कर लेना फिर से मुलाक़ात
की आज की मुलाक़ात खश हो चुकी है.....
कि रात हो चुकी है
Saturday, October 27, 2012
अच्छी सोच अच्छे लोग
जैसे कूड़ा कचरा बहते हुए शीतल जल को प्रदूषित कर रोक देता है
वैसे ही गलत और गन्दी सोंच एक अच्छे विचारवान व्यक्ति की सोंच को प्रदूषित कर विकासहीन बना देती है.
Wednesday, October 24, 2012
मैं गरीब मेरी फ़िक्र सिर्फ और सिर्फ मुझे
अगरबत्ती जला के कटोरे में
देवो का फोटो ले के
निकल पड़ते है सुबह-सुबह
जब दूसरे बच्चे स्कूल जाते है
क्योकि बाल मजदूरी गुनाह है
शायद भगवान के नाम पे ही सही
दे दे कुछ कि घर कि मदद हो जाए
पापा माँ कीमजदूरी के पैसे में कुछ जुड़ जाए
और हमारे परिवार के आधे पेट कुछ
और भर जाए.
बाल मजदूरी तो गुनाह है पर
भूखे पेट को गुनाह क्यों नहीं बनाता कोई?
Wednesday, October 17, 2012
Gath
safed vastr me sab astr chupaye bahithe hai
maar dene ki feerak me ghat lagaye baithe hai
सफ़ेद वस्त्र में सब अस्त्र छुपाए बैठे है
मार देने की फ़ीरक मे घात लगाए बैठे है
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Friday, October 12, 2012
सच त्याग देना।
Lagata hai kuch jyada hi sach bolane lagaa hoo mai
sunane vaalo ki kami ho gai hai hadd se jyada....
लगता है कुछ ज्यादा ही सच बोलने लगा हू मैं
सुनने वालो की कमी हो गई है हद्द से ज्यादा.....
Wednesday, October 10, 2012
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