कभी मत सोचीय की कैसा हू मै
बस काम निकालते चलिये अपना
सोंचने बैठ गए गर मेरे बारे मे
तो काम आपका निकाल न पाएगा।
Tuesday, April 24, 2012
काम अपना निकलते चलिये
Friday, April 20, 2012
आँकिएगा ना हमे हम से कम
हमारी तो जात है हिंदुस्तानी
भाषा मुस्कुराहट है
चाहे कुछ भी करो लो
जानेमन
हम जो है
सो है
कभी न आकिएगा कम हमे
की हम जब भीड़
गए तो आपकी खैर नहीं।
Thursday, April 12, 2012
Monday, April 2, 2012
कहा तो था हमने भी
कौन जागता है याद मे उनके गालिब
हम तो जागते है कि याद कर सके उन्हें हम।
जो कुछ बाते रह गई थी बाकी,
ख़यालो मे ही सोचते है, के बता दे उन्हे।
ताकी शिकायत न रहे उन्हे
की हमने कहा नहीं कभी।
Saturday, March 31, 2012
Thursday, March 29, 2012
Saturday, March 17, 2012
Wednesday, March 7, 2012
होली है भाई होली है...
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होली है भाई होली है...
शैतानो की टोली है
रंग देंगे तुम्हे हर रंग से
और कहेंगे हम फिर से.
बुरा न मानो होली है....
शैतानो की टोली है.......
जम के रंग लगायेंगे
भंग की घूंट लगायेंगे.
मस्ती में जोर जोर से
सब से कह के आयेंगे
बुरा न मानो होली है
शैतानो की टोली है
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Saturday, February 18, 2012
योद्धा हूँ मै
लाख बार पटक दो मुझे तुम
हार मान न जाऊंगा
फिर और मजबूत करके खुद
वापिस यही पे आऊंगा
पाषाण हूँ मै, रेत नहीं हूँ
के रौंद के आगे बढ़ जाओगे
पलट के दे कभी जो
लडने के लिए तैयार मुझे तुम
फिर यही पे पाओगे.
Saturday, February 11, 2012
Anubhav Ki Nadi Me Khanavadosh Din: एक परिचयः मेरे बाद (पंडित श्री योगेन्द्र दि्वेदी ...
Anubhav Ki Nadi Me Khanavadosh Din: एक परिचयः मेरे बाद (पंडित श्री योगेन्द्र दि्वेदी ...: भूमि पर मुझको लिटाना जब कभी तो इस तरह कि पीठ पर आकाश …….. मेरे होंठ मिट्टी से जुडे हों लोग पूछें तो बता द...
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