Thursday, May 30, 2013

रोज पीता हूँ शराब...

रोज पीता हूँ शराब...
और सोचता हूँ काफ़िर कि कल से नहीं पीऊंगा
पर हमेशा धोखा दे जाता है कल
कि कभी आता ही नहीं
आता भी है तो आज हो जाता है ग़ालिब....

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