Friday, August 9, 2013

इसलिए उचटी हुई नींद को भी जबरदस्ती सुला लेते है

फिर एक मोमबत्ती जला लेते है
अपने दिल के भीतर के आग को भुझा लेते है
हमारे काम भी नहीं आ पता है ये आग
क्या कि इससे देश कि भूख मिटायेंगे
इसलिए उचटी हुई नींद को भी
जबरदस्ती सुला लेते है.......
खुद को एक बार फिर समझा लेते है….

--------------------------------------------------> शाश्वत श्रीपर्व